
दिन-प्रतिदिन
ऋषिकेश से तीन परखी हुई योजनाएँ। हर दिन के साथ गाड़ी और पैदल दूरी, और उस रात ठहरने का स्थान दिया गया है।
संपूर्ण पंच केदार यात्रा
सड़क के व्यावहारिक क्रम में पाँचों केदार — ऋषिकेश से ऋषिकेश तक।
दिन 01
ऋषिकेश → गुप्तकाशी / सीतापुर
गंगा के किनारे-किनारे देवप्रयाग (अलकनंदा–भागीरथी संगम) और रुद्रप्रयाग होते हुए। निकलने से पहले यात्रा पंजीकरण पूरा कर लें।
दिन 02
सोनप्रयाग → गौरीकुंड → केदारनाथ
सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक शेयर जीप, फिर पैदल चढ़ाई। केदारनाथ में संध्या आरती।
दिन 03
केदारनाथ → गौरीकुंड → ऊखीमठ
भोर में दर्शन और भैरवनाथ। नीचे उतरकर ऊखीमठ जाएँ; ओंकारेश्वर मंदिर के दर्शन करें।
दिन 04
ऊखीमठ → रांसी → बनतोली / खटारा
गौंडार गाँव होकर जंगल का रास्ता; पूरे रास्ते होमस्टे।
दिन 05
बनतोली → मध्यमहेश्वर
शाम को दर्शन; चौखंबा के नज़ारे के लिए बूढ़ा मध्यमहेश्वर तक चढ़ें।
दिन 06
मध्यमहेश्वर → रांसी → चोपता
प्रातः पूजा, लंबी उतराई, फिर चोपता तक छोटा सफ़र।
दिन 07
तुंगनाथ और चंद्रशिला → गोपेश्वर
चंद्रशिला पर सूर्योदय, तुंगनाथ में दर्शन, फिर मंडल होकर गोपेश्वर। गोपीनाथ मंदिर के दर्शन करें।
दिन 08
गोपेश्वर → सगर → पनार बुग्याल
बांज के जंगल से ल्वींटी बुग्याल और पनार तक खड़ी चढ़ाई।
दिन 09
पनार → पितृधार → रुद्रनाथ
पितृधार के ऊपर ऊँची धार पर चलना। शाम को नीलकंठ महादेव के दर्शन।
दिन 10
रुद्रनाथ → सगर → गोपेश्वर
रुद्रनाथ में प्रातः पूजा, फिर लंबी उतराई।
दिन 11
गोपेश्वर → हेलंग → कल्पेश्वर
कल्पेश्वर और ध्यान बदरी के दर्शन। चाहें तो आगे बदरीनाथ (+1 दिन)।
दिन 12
उर्गम → ऋषिकेश
कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग होते हुए अलकनंदा घाटी से वापसी।
केदारनाथ + तुंगनाथ
प्रथम केदार और यात्रा का सबसे ऊँचा स्थान चंद्रशिला — सबसे लोकप्रिय छोटी यात्रा।
-
दिन 01
ऋषिकेश → गुप्तकाशी / सीतापुर
निकलने से पहले यात्रा का पंजीकरण कराएँ।
-
दिन 02
गौरीकुंड → केदारनाथ
संध्या आरती।
-
दिन 03
केदारनाथ → गौरीकुंड → चोपता
लंबा दिन; थकान हो तो ऊखीमठ में रुक जाएँ।
-
दिन 04
तुंगनाथ और चंद्रशिला → रुद्रप्रयाग
शिखर पर सूर्योदय, दर्शन, फिर उतरकर आगे का सफ़र।
-
दिन 05
रुद्रप्रयाग → ऋषिकेश
देवप्रयाग संगम पर रुकें।
रुद्रनाथ + कल्पेश्वर (चमोली यात्रा)
चमोली के दो केदार — सबसे कठिन और सबसे आसान।
-
दिन 01
ऋषिकेश → गोपेश्वर
शाम को गोपीनाथ मंदिर के दर्शन करें।
-
दिन 02
सगर → पनार बुग्याल
ल्वींटी बुग्याल होकर चढ़ाई।
-
दिन 03
पनार → रुद्रनाथ
शाम को दर्शन।
-
दिन 04
रुद्रनाथ → सगर → गोपेश्वर
लंबी उतराई।
-
दिन 05
गोपेश्वर → कल्पेश्वर
कल्पेश्वर और ध्यान बदरी।
-
दिन 06
उर्गम → ऋषिकेश